फ्रायड ने बड़ी खोज की है ! लोग कहते है कि जुबान चुक गयी ! लेकिन फ्रायड ने इस पर बड़ा काम किया और उसने कहा जबान ऐसे ही नहीं चूकती है ! जब आप भूल से भी कुछ कहते है, तब वह भी बहुत गहरा और सोचने जैसे है कि वैसा भी क्यों हुआ ? उसे होने के पीछे आपकी छाया है ! क्योकि आपने एक झूठा व्यक्तित्व अपने भीतर बना रखा है ! बच्चा पैदा होता है और झूठ निर्मित होना शुरू हो जाता है ! छोटे-छोटे बच्चे राजनीतिज्ञ हो जाते है ! बच्चा समझ लेता है कि माँ मुस्कुराने से प्रसन्न हो जाती है ! मुस्काने पर दूध देती है, खिलोने देती है --- तो बच्चे के भीतर कोई मुस्कराहट भी न हो, तो भी वह मुस्कराता है! यह झूठ शुरू हो जाता है ! जो भीतर नहीं है, वह बाहर दिखा रहा है, इसको मै राजनीति कहता हूँ ! लेकिन मनसिवद् कहते है कि बच्चे का चीखना, चिल्लाना उसके लिए बहुत स्वस्थकारी है , और जो बच्चे बचपन में चीख-चिल्लाना नहीं कर पाते, तूफान नहीं मचा पाते, नाराजगी नहीं प्रकट कर पाते, वे सदा के लिए मन से रोगी हो जाते है ! कभी एक बच्चे के साथ प्रयोग करे ! आप चकित हो जायेगे ! बच्चा रो रहा हो, तो ना तो आप ...
आजकल इंडिया कितनी तेजी से तरक्की कर रहा है ! 2012 के भाव 2013 के भाव टमाटर 15 रूपए किलो 70 रूपए किलो प्याज़ 20 रूपए किलो 80 रूपए किलो भिन्डी 15 रूपए किलो 40 रूपए किलो बैंगन 20 रूपए किलो 40 रूपए किलो गोभी 10 रूपए किलो 50 रूपए किलो शिमला 30 रूपए किलो 80 रूपए किलो लोकी 10 रूपए किलो 40 रूपए किलो सचमुच कितनी तरक्की हो गयी है न इसलिए इंडिया कि शान बनाये रखने के लिए इसे अपने फ्रेंड्स को बताइये ! आखिरकार हम सच्चे इंडियन है इसलिए इतना तो बनता है
एक रियल एस्टेट के कर्मचारी का दर्द बयां कहानी यू काल करके काट देना, बड़ा ही आसान होता हैं ! वादा करके उसे निभाना, तो किसी - किसी का काम होता है ! ऐसा लगता हैं आजकल भारतीय संस्कृति में ऐसे ही सम्मान होता है ! माना कि शायद इस तरह से कुछ कह ना पाएंगे ? दिल में रखा राज इतनी आसानी से यू ही नहीं बताएंगे ? लेकिन जनाब क्या बिना चॉइस के करोड़पति खिलाऐंगे ? ...
मानो या न मानो (पार्ट 1 ) Believe it or Not "अपने डैड के इस दुनिया आँखे मूंद लेने के बाद ही तेरे साथ इस तरह की परेशानिया आ रही है, मुझे तो ऐसा नहीं लगता, जब तक तेरे डैड थे तब तक तू बराबर मुझे हर महीने इंटरेस्ट दे रहा था, उनके जाते ही तेरे पास हर तरह की कमी हो गयी ऐसा कैसे हो सकता है ?" अपने गुस्से और नाराजगी पर किसी भी तरह की लगाम न लगाते हुऐ मेरी माँ सविता ने बुरी तरह से बिफरते हुऐ मुझ पर पर सवाल दागा ! मै अपने जस्बातों पर अपने आप को कंट्रोल करते हुए अपनी माँ को समझाने वाले अंदाज़ में कहा " नहीं माँ ! यह सच है, डैड के जाने के बाद मैंने परिस्थितयो को संभालने की कोशिश कर रहा हुँ, मेरा किसी भी तरह से आप को परेशान या शर्मिंदा करने की नियत नहीं है, कम से कम मेरे नियत पर कोई ऊँगली मत उठाओ, ऐसा नहीं है डैड के जाने के बाद मैंने आपको बिलकुल भी पैसा नहीं दिया, आप अगर याद करो डैड तो जुलाई के शरुआत में ही इस दुनिया से चले गये पर उसके बाद भी उसी महीने मैंने आपको पूरे १२ हज़ार इंटेरेस्ट के दिए, साथ ही अपना फर्ज समझते हुऐ ...
क्या कभी आपने सोचा कि यदि आपके द्वारा लिया गया पर्सनल लोन या होम लोन की इन्स्टालमेन्ट को भर पाने में अचनाक आप असमर्थ हो जाते है तो क्या किया जा सकता है ? बेरोजगारी या बीमारी से सबंधित वजह से या मृत्यु हो जानने के कारण या अचानक कोई विकट परिस्थितया उत्पन्न हो जाती है और यदि बैंक या फाइनेंसियल इंस्टीटूशन से लिया गया लोन की अदायगी समय पर ना हो तो किन परेशानियों से सामना करना पड़ सकता ? क्या इसका कोई समाधान है और आप अगर उसे ढूंढ रहे है तो यह लेख आपके लिये है। समाधान हालिका जब किसी सरकारी और गैर -सरकारी बैंक या फाइनेंसियल इंस्टीटूशन से होम लोन लिया जाता है तो ऊपर दिए गए परेशानियों को देखते हुए आपको इंशोरेंस / बीमा के बारे में सलाह दी जाती है, लेकिन स्वैछिक होने की वजह से अधिकतर उपभोक्ता इसे लेने से इंकार कर देते है जबकि एक लम्बी अवधि के होम लोन के लिए इस तरह की परेशानी कभी भी आ सकती है। यदि इसकी पर्सनल लोन से तुलना की जाये तो पर्सनल लोन 1 - 5 साल के लिए दिया जाता है लेकिंग ऊपर बताई गयी परेशानी इस दौरान कभी भी आ सकती है ...
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